कई थ्रिप्स प्रजातियां पौधों के सुरक्षित भाग, फूलों के अंदर, बढ़ती हुई शाखाओं के ऊपरी भाग और लीफ कर्ल गाल्स में निवास करती है। इस कारण संपर्क (कॉन्टैक्ट) कीटनाशक केवल उन प्रजातियों पर ज्यादा प्रभाव डालते है जो पत्तों की सतह पर रहते है। थ्रिप्स की कुछ प्रजातियों की आबादी में कीटनाशक के विरुद्ध प्रतिरोध उत्पन्न हो सकता है जैसे की वेस्टर्न फ्लावर थ्रिप्स, प्याज थ्रिप्स और तरबूज थ्रिप्स।
इस वजह से जिन कीटनाशकों की कार्यवाई विधि अलग होती है उन्हें हर बार बदल-बदल कर प्रयोग करना चाहिए । कुछ थ्रिप्स की प्रजातियां केवल पराग पर भोजन करती है जो की पौधों को बहुत कम नुकसान पहुँचाती है । इसलिए उन थ्रिप्स की प्रजातियों की पहचान आवश्यक है जो फसलों के लिए हानिकारक होती है। थ्रिप्स के विरुद्ध पंजीकृत अधिकांश कीटनाशक जैसे की ओर्गनोफॉस्फेट (1 बी), सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स (3 A) या नियोनिकोटिनॉइड्स (4 A), इसके प्राकृतिक शत्रुओं पर उच्च दर से नकरात्मक प्रभाव डालते हैं । इन उत्पादकों का प्रयोग तब तक नहीं करना चाहिए जब तक कोई और विकल्प उपलब्ध न हो ।

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