सबसे पहले शीरे को गर्म करके उसमें यूरिया केल्साइड पाउडर और सोडियम बैण्टोनाइट डालकर अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण को धीरे-धीरे हिलाते हुए उसमें खनिज मिश्रण, बिनौले अथवा मूँगफली की खली आदी, को मिलाये।
जब मिश्रण का तापमान 120 0C हो जाये तो इसको 10 मिनट तक अच्छी तरह मिलाये और जब सभी पदार्थ अच्छी तरह मिल जाये तो मिश्रण को ठण्डा (80-90 0C) कर ले।
फिर उचित आकार के सांचों में डालकर ठण्डा होने के लिए रख दें।
खनिज युक्त पशु आहार बनाने की ठण्डी विधि
इस विधि में यूरिया, कैल्शियम आक्साइड (चूना) का प्रयोग किया जाता है। चूने के मिश्रण को मिलाकर ही इतनी गर्मी पैदा हो जाती है कि सारे मिश्रण को अर्द्धतरल अवस्था में बदल देती हैं तथा मिश्रण को सांचों में डालकर आसानी से पिंड बनाया जा सकता है।
यूरिया, शीरा, खनिजपिण्डखिलानेकेलाभ
- पशु को पाचनशील कार्बनिक पदार्थ अधिक मिलता है।
- पशु द्वारा सूखे चारे तथा फसल अवशेष को खाने की मात्रा बढ़ जाती है क्योंकि इसमें प्रोटीन उर्जा तथा खनिज मौजूद होते है। जिससे अमाशाय में उपस्थित जीवाणुओं की प्रक्रिया तथा उनकी संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाती है। सूखे चारे की पाचनशीलता तथा आगे बढ़ने की क्षमता दर बढ़ जाती है, पशु अधिक आहार लेता है जो कि पशु के लिए लाभदायक है।
- जीवाणु अधिक प्रोटीन का निर्माण करते हैं जिससे व्यस्क पशु की प्रोटीन की आवश्यकता पूरी हो जाती है।
- वाष्पशील वसा अम्ल ज्यादा बनता है जो कि जुगाली करने वाले पशुओं की उर्जा का मुख्य स्रोत है। व्यस्क पशु को इतनी उर्जा रख-रखाव के लिए पर्याप्त होती है। यह कार्य भी जीवाणु करते है।
- यूरिया शीरा, खनिज पिंड सूखे चारे के साथ खिलाने से मिथेन गैस कम बनती है जो कि वातावरण को प्रदूषित होने से बचाता है।

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