धान फसल:
- यदि मई के अन्तिम सप्ताह में धान की नर्सरी नही डाली हो तो जून के प्रथम पखवाडे तक पूरा कर ले। सुगंधित धान की प्रजातियों की नर्सरी जून के तीसरे सप्ताह मे ही डालनी चाहिऐ।
- एक हैक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई के लिए 800 से 1000 वर्ग मीटर नर्सरी क्षेत्र की आवश्यकता होती है।
- प्रमुख किस्मे – पूसा 1509, 1612, पूसा बासमती 5,6, पूसा 1121, पूसा आरएच 10
सब्जियॉं:
- बै्ंगन, मिर्च व अगेती फूलगोभी की नर्सरी तैयार करें।
- बैंगन की किस्मे: गोल फल- पूसा उत्तम, पूसा संकर 6 व 9, लम्बे फल- पूसा श्यामला, पूसा कौसल, पूसा संकर 5 व 20, छोटे गोल फल- पूसा बिंदू, पूसा अंकंर, पूसा उपकार।
- गोभी की किस्में: पूसा मेघना, पूसा अश्विनी
- मिर्च की किस्मे: पूसा ज्वाला, पूसा सदाबहार
- बुआई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 4 ग्राम ट्राइकोडर्मा अथ्ावा 3 ग्राम थिरम या केप्टान या 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम से बीजोउचार अवश्य करें ।
फल वाली फसलें:
- जून में आम, अमरूद, नींबू, किन्नू, मोसम्मी तथा लीची के नए बाग लगाने की तैयारी करते है जैसे की बाग का लेआउट व डिजाईन बनाना। गढ्ढो की खुदाई (आकार 1x1x1 घन मीटर)। प्रति गढ्ढा 20 किलो अच्छी तरह से सडी गोबर की खाद 100 ग्राम नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटास प्रत्येक, की मात्रा मिट्टी मे मिलाकर गढ्ढो की भराई करें।
- नींबू वर्गीय फलों में लीफ माइनर व साइट सिल्ला की रोकथाम के लिए पौधो पर 1250 मिली रोगोर की मात्रा को 500 लिटर पानी मे घोलकर छिडकाव करें।
- अंगूर (परलेट, फलेम सीडलैस, पूसा नवरंग, पूसा उर्वशी तथा पूसा सीडलेस किस्मों) के फल तूडाई का सही समय है।
अरहर:
- सिंचित क्षेत्रों में अरहर की बूआई जून के प्रथम सम्ताह मे तथा असिचिंत क्षेत्रों में वर्षा आरम्भ होने पर करें।
- एक हैक्टेयर क्षेत्र के लिए 12 से 15 किलो बीज की आवश्यकता होगी।
- राइजोबियम कल्चर से उपचारित बीज 60-75 X 15-20 सेमी की दूरी पर बोऐं।
- अरहर की प्रमुख किस्मे: पूसा 991, पूसा 992, पूसा 2001 व पूसा 2002 है।
पूसा कृषि पंचाग, भा.क्अनू.सं.

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