भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि यानीकि एग्रीकल्चर पर निर्भर करती है। इसका प्रमुख कारण ये है कि भारत कृषि प्रधान देश है। इंडिया की आधे से ज्यादा आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती हैं और उनका मुख्य व्यवसाय खेती है। ऐसे में इस क्षेत्र में कैरियर के अवसरों की कमी नही है।
अगर आप भी इस सेक्टर में कैरियर बनाने की ख्वाहिश रखते हैं, तो आप पीसीएम या पीसीबी सब्जेक्ट से 12वीं पास हों या फिर 12वीं कृषि से की हो। इसके बाद आप बीएससी एग्रीकल्चर कर इस फील्ड में कैरियर बना सकते हैं। बीएससी एग्रीकल्चर के बाद आप एमएससी इन एग्रीकल्चर या इसमे स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं। जिससे आप एग्रीकल्चर के क्षेत्र में रिसर्च और टीचिंग के क्षेत्र में भी कैरियर बना सकते हैं।
बीएससी एग्रीकल्चर 4 बर्षीय अंडर ग्रेजुएट कोर्स होता है। इसमें 8 सेमेस्टर होते हैं। इस कोर्स में दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। हालाँकि आज के समय मे प्राइवेट कृषि कॉलेज की भरमार सी हो गई है। ऐसे में बहुत से कॉलेज में 12वीं के बाद डायरेक्ट ही एडमिशन मिल जाता है। लेकिन गवर्नमेंट कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम ही देना होता है।
बीएससी एग्रीकल्चर की फीस की बात करें, तो गवर्नमेंट में इस कोर्स की फीस 10 से 15 हजार प्रतिबर्ष होती है। वंही प्राइवेट कॉलेज में यह फीस 20 से 50 हजार प्रतिबर्ष तक हो सकती है। प्राइवेट कॉलेज में Agriculture में दाखिला लेने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि जिस कॉलेज या यूनिवर्सिटी में कैंपस प्लेसमेंट सही हो, वंही से इस कोर्स को करें।
बीएससी एग्रीकल्चर में करियर स्कोप
भारत जैसे कृषि प्रधान देश मे एग्रीकल्चर स्पेशलिस्ट की काफी मांग हैं। इस सेक्टर में कैरियर के बेहतरीन अवसर हैं। प्राइवेट और गवर्नमेंट दोनो क्षेत्रों में जॉब के अवसर मिलते हैं। जिस प्रकार हमारे देश मे जनसंख्या बढ़ रही है, ऐसे में ऐसी कृषि तकनीक और गुणवत्ता युक्त बीज और खाद की जरूरत होगी। जिससे की ज्यादा से ज्यादा आनाज का उत्पादन हो और बढ़ती जनसंख्या को आहार की पूर्ति की जा सके। इसलिए इस सेक्टर में कृषि विशेषज्ञों के लिए काफी अच्छी संभावनाएं है।
एग्रीकल्चर के सेक्टर में आप बागबानी, डेयरी, पोल्ट्री फार्मिंग, खाद्य विज्ञान, पैदा विज्ञान, मृदा विज्ञान आदि क्षेत्रों कैरियर बनाया जा सकता है। कोर्स पूरा करने के बाद आप कृषि उद्योग, कृषि व्यवसाय जैसे स्वरोजगार भी कर सकते हैं। बीएससी एग्रीकल्चर के बाद एमएससी एग्रीकल्चर या किसी भी कृषि के सेक्टर में विशेषज्ञता भी हासिल कर सकते हैं। इसके बाद आप टीचिंग और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी कैरियर बना सकते हैं। इसमे आप निम्न क्षेत्रों में जॉब कर सकते हैं।
बीएससी एग्रीकल्चर : निजी क्षेत्र में नौकरियां
- फर्टीलाइजर कंपनीज
- एग्रो इंडस्ट्रीज
- एग्रीकल्चर मार्केटिंग
- माइक्रो फाइनेंस इंस्टिट्यूशन
- एग्री बायोटेक ऑर्गनाइजेशन
- एग्रीकल्चर फायनेंस सेक्टर
- प्राइवेट बैंकिंग
- प्राइवेट कॉलेज एंड यूनिवर्सिटीज
बीएससी एग्रीकल्चर : सरकारी क्षेत्र में नौकरियां
- इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट
- स्टेट फॉर्म्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया
- नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड
- नेशनल सीड्स कारपोरेशन
- नार्थ ईस्टर्न रीजन एग्रीकल्चरल मार्केटिंग कारपोरेशन
- फ़ूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया
- एग्रीकल्चरल फाइनेंस कारपोरेशन
- नाबार्ड और अन्य बैंक्स
- इंडियन कॉउन्सिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च
- कॉउन्सिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च
बीएससी एग्रीकल्चर : नौकरी प्रोफ़ाइल
- एग्रीकल्चर ऑफीसर
- एग्रीकल्चर साइंटिस्ट
- फील्ड ऑफीसर
- कृषि विज्ञान केंद्र स्पेशलिस्ट
- सीड्स टेक्नोलॉजी फर्म्स
- बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर
- बैंक में एग्रीकल्चर लोन ऑफिसर
- प्लांट मैनेजर
- प्रोडक्शन मैनेजर
- रिसर्च ऑफिसर
- मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव
- टीचर
- सीड टेक्नोलॉजिस्ट
बीएससी एग्रीकल्चर में निम्न सब्जेक्ट के बारे में पढ़ाया जाता है।
इस कोर्स के अंतर्गत मृदा विज्ञान और प्रजनन, सिंचाई पद्धति और तकनीक, पौधे और फसल रोग, उर्वरक, टिकाऊ खेती, जैव रसायन, विभिन्न प्रकार की फसलें, फसल रोटेशन जैसे ये कुछ महत्वपूर्ण विषय हैं पढ़ाये जाते हैं। इसके साथ ही इसमें होरिकलचर, एनिमल हसबेंडरी, फ़ूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फार्मिंग को भी शामिल किया जाता है।
बीएससी एग्रीकल्चर में विशेषज्ञता विषय
बीएससी एग्रीकल्चर के बाद आप इनमें से किसी भी सब्जेक्ट में स्पेशलाइजेशन कर अपनी स्किल और क्वालिफिकेशन को बढ़ा सकते हैं। जैसेकि..
- सॉइल साइंस
- एग्रोनमी
- प्लांट पैथोलॉजी
- एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स
- प्लांट बायोकेमिस्ट्री
- एक्सटेंशन एजुकेशन
- बायोटेक्नोलॉजी
- एंटोमोलॉजी
- एनिमल साइंस
भारत में सर्वश्रेष्ठ बीएससी एग्रीकल्चर कॉलेज
- पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना
- चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी
- तमिलनाडु एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी
- महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ, पुणे
- गोविंद बल्लभपंत एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पंतनगर
- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, विहार
- बिरसा एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, झारखंड
- महात्मा ज्योतिराव फुले यूनिवर्सिटी, राजस्थान
- जूनागढ़ एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, गुजरात
- जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश
- मेबाड यूनिवर्सिटी, राजस्थान
- बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी, इटावा
- सरदार बल्लभभाई यूनिवर्सिटी एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, मेरठ
- शिवजी यूनिवर्सिटी, महराष्ट्र
- आचार्य नागार्जुन एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, आंध्र प्रदेश
Source: kaisebanehindi.in

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