सब्जियॉं:
- कद्दू, चप्पन कद्दू, लौकी , करेला, तोरई , खीरा, खरबूजा, तरबूज आदि बेल वाली सब्जियों की बुआई करें।
- पूसा की निम्न प्रजातियों का चयन करें। कद्दू: पूसा विश्वास, पूसा हाईब्रिड , खीरा: पूसा उदय, खरबूजा: पूसा मधुरस, तरबूज: शुगर बेबी, चप्पन कद्दू: ऑस्ट्रेलियन ग्रीन एवं पूसा अलंकार
- कद्दू वर्गीय फसलों में 100-50-50 किग्रा/ हैक्टेयर की दर से नाईट्रोजन-फॉस्फोरस-पोटेशियम की मात्रा डालें। तथा 5-6 दिन के अंतराल पर सिचांई करते रहे।
- भिण्डी में फली व तना भेदक कीट के नियंत्रण के लिए 2 मिली इमिडाक्लोप्रिड दवा को 10 लिटर पानी में घोलकर छिडकाव करें।
- भिण्डी रस चुसने वाले कीडों के नियंत्रण के लिए ट्राइजोफॉस और डेल्टामेथ्रिन 1 मिली दवा / लिटर पानी में घोलकर बारी बारी से 10-15 दिनों के अंतराल पर छिडकाव करें।
मूंग फसल
- खरपतवार नियंत्रण के लिए 1 किग्रा प्रति हैक्टेअर की दर से पेन्डामिथालिन दवा 500 लिटर पानी में घोलकर बुआई के एक दो दिन बाद छिडकाव करे।
- मूंग के लिए 20:40:20 kg/ ha की दर से NPK की मात्रा को आधार खुराक के रूप में दें।
- मूंग में आवश्यकता अनुसार सिचांई करे।
फल फसलें:
- आम में चूणिल आसिता रोग की रोकथाम के लिए डाइनोकेम दव 1 मिली प्रति 1 लिटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें।
- आम में एथ्रेक्नोज (पत्तियों व मंजरियों पर काले धब्बे) की रोकथाम के लिए 2 ग्राम कार्बेन्उाजिम दवा प्रति1 लिटर पानी की दर से घोलकर छिडकाव करें।
- आम में यदि पत्तियों व शाखाओं पर भी एन्थ्रोक्नोज के लक्षण दिखते है तो 3 ग्राम दवा / लिटर पानी की दर से कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिडकाव करें।
पूसा कृषि पंचाग, भा.क्अनू.सं.

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