वर्तमान स्थिति में गाजर और टमाटर फसल का रखरखाव कैसे करें

वर्तमान स्थिति में गाजर और टमाटर फसल का रखरखाव कैसे करें –

गाजर-टमाटर सब्जी फसल के रखरखाव के सम्बंघ में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. आर.के. यादव सब्जी विज्ञान संभाग ने बताया कि वर्तमान में 40 से 45 दिन की गाजर फसल हो गई है। बीज की अधिकता के कारण खेत में जहाँ पौधे अधिक एवं घने हो गए हो वहाँ पतली जड़ वाले पौधों को निकाल दें जिससे पौधों की सघनता कम हो जाएगी और पौधों को पर्याप्त मात्रा में हवा-पानी मिलेगा। इसके पश्चात नत्रजन की मात्रा डालें तथा मिट्टी चढ़ाना चाहिए, जिससे खरपतवार नष्ट हो जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गाजर की नेमटीस और पूसा नयनज्योति किस्में किसानों द्वारा लगाई जा रही है।

डॉ. यादव ने बताया कि टमाटर में अर्लीब्लाईट रोग होता है जिसमें पौधे की पत्तियों में छल्ले बन जाते है। इसकी रोकथाम के लिए डाइथेन एम-45, 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि टमाटर पौधे के पत्तों में लेट ब्लाईट रोग आता है, जिसमें धब्बे बन जाते है। इसकी रोकथाम के लिए रिडोमिल दवा की 1 ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना उचित होता है।

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पपीते में मिली बग

पपीता में मिलीबग की रोकथाम के लिए कार्बोसल्फान की 300 एम.एल. की मात्रा 200 लीटर पानी में मिलाकर 1 एकड़ में छिड़काव करें।

गेहूं की जड़ों में दीमक

गेहूँ की जड़ों में दीमक एवं गलन का प्रकोप की रोकथाम के लिए क्लोरोपायरीफॉस 3 लीटर मात्रा 50 किलोग्राम मिट्टी में 1 हेक्टेयर में छिड़काव कर हल्की सिंचाई करें।

टमाटर

टमाटर में टोमैटो लीफ कर्ल रोग से बचाव के लिए रोगग्रस्त पौधों को खेत से हटाएं तथा इमिडाक्लोप्रिड की 80 एम.एल. मात्रा को 200 लीटर पानी में घोल बनाकर 1 एकड़ में छिड़काव करें।

लहसुन

लहसुन की पत्तियाँ मुडऩे को माईट्स प्रकोप कहते हैं। इसका प्रकोप रोकने के लिए डाईकोफॉल की 500 एम.एल. मात्रा 200 लीटर पानी में घोल बनाकर 1 एकड़ में छिड़काव करे।

Source: Krishakjagat.org


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