सोयाबीन कृषकों को उपयोगी सलाह 

भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने सोयाबीन कृषकों को उपयोगी सलाह दी गई है, जो इस प्रकार है –

  • लगातार वर्षा होने की स्थिति में अपने खेत से जल-निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  • अपने खेत की नियमित निगरानी करें एवं 3-4 जगह के पौधों को हिलाकर सुनिश्चित करें कि क्या आपके खेत में किसी इल्ली/कीट का प्रकोप हुआ है या नहीं और यदि है, तो कीड़ों की अवस्था क्या हैं? तदनुसार उनके नियंत्रण के उपाय अपनाएं।
  • सोयाबीन में कीटनाशक एवं खरपतवारनाशक के मिश्रित उपयोग का संयोजन अभी तक केवल निम्न 3 कीटनाशक एवं 2 खरपतवारनाशकों के लिए ही अनुशंसित किया गया है।
  • पीला मोज़ेक रोग से सुरक्षा हेतु रोगवाहक कीट सफ़ेद मक्खी के नियंत्रण के लिए अपने खेत में विभिन्न स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाएं।
  • कीटनाशक या खरपतवारनाशक के छिडक़ाव के लिए पानी की अनुशंसित मात्रा का उपयोग करें (नेप्सेक स्प्रेयर से 450 लीटर/हे. या पॉवर स्प्रेयर से 120 लीटर/हे. न्यूनतम)।
  • कीटनाशक के छिडक़ाव हेतु कोन नोजल जबकि खरपतवार नाशक के छिडक़ाव हेतु फ्लड जेट/फ्लैट फेन नोजल का उपयोग करें।
  • सोयाबीन में पक्षियों की बैठने हेतु ‘ञ्ज’ आकार के बर्ड पर्चेस लगाएं।
  • किसी भी प्रकार का कृषि आदान क्रय करते समय दुकानदार से हमेशा पक्का बिल लें जिस पर बैच नंबर एवं एक्सपायरी दिनांक स्पष्ट लिखी हो।
  • सोयाबीन का जैविक उत्पादन लेने वाले किसान कृपया पत्ती खाने वाली इल्लियों (सेमीलूपर, तम्बाकू की इल्ली) से फसल की सुरक्षा एवं प्रारम्भिक अवस्था में रोकथाम हेतु बेसिलस थुरिन्जेंसिस अथवा ब्युवेरिया बेसिआना या नोमुरिया रिलेयी (1.0 ली/.हेक्टेयर) का प्रयोग करें।
  • तम्बाकू की इल्ली एवं चने की इल्लियों के प्रबंधन हेतु बाजार में उपलब्ध कीट विशेष फेरोमेन ट्रैप या प्रकाश प्रपंच लगाएं।

Comments

2 responses to “सोयाबीन कृषकों को उपयोगी सलाह ”

  1. Test user 001 Avatar
    Test user 001

    Testing articles

  2. Thank you

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