सफेद मूली की तुलना में लाल मूली की खेती से अधिक फायदा होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं, जिसके चलते इसकी तगड़ी डिमांड रहती है. इसकी खेती से तगड़ा फायदा हो सकता है.
सर्दी का मौसम शुरू होते ही बाजार में ढेर सारी मूली दिखने लगती है. इन दिनों बाजार में सफेद मूली के साथ-साथ लाल मूली भी आने लगी है, जिसे लोग हाथों-हाथ खरीदते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यह मूली दिखने में काफी सुंदर होती है, जिससे सलाद में इसका एक अलग ही लुक दिखता है. अगर आप एक किसान हैं, तो आप लाल मूली की खेती (Red Radish Farming) कर सकते हैं. इस खेती से आपको सफेद मूली की तुलना में अधिक फायदा होगा, क्योंकि डिमांड ज्यादा होने की वजह से कीमत भी अच्छी मिलती है. इसे फ्रेंच मूली भी कहते हैं, जो तमाम बड़े स्टोर और मॉल में खूब बिकती है. आइए जानते हैं कैसे की जाती है लाल मूली की खेती|
कब और कैसे की जाती है लाल मूली की खेती?
लाल मूली की खेती के लिए जरूरत होती है बलुई दोमट मिट्टी की, जिसमें पानी ना रुकता हो. इसकी बुआई से पहले खेत को 2-3 बार जोत कर मिट्टी को अच्छे से भुरभुरा कर लेना चाहिए. अगर आप मेड़ बनाकर मूली की खेती करते हैं तो उससे आपको और भी अच्छा उत्पादन मिल सकता है. मूली की बुआई से पहले खेत में पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद जरूर डालें, ताकि पौधों को पोषण की कमी ना हो. आप चाहे तो गोबर की खाद के बदले वर्मी कंपोस्ट भी इस्तेमाल कर सकते हैं. पर्याप्त मात्रा में ऑर्गेनिक खाद का इस्तेमाल करने से फसल की पैदावार अच्छी होती है.
इसकी खेती के लिए सबसे सही समय होता है ठंड का. सितंबर से जनवरी तक किसान इसकी बुआई कर सकते हैं. अगर आप पॉलीहाउस या लो टनल तकनीक के जरिए खेती करते हैं तो इससे आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. जरूरी है कि खेती के लिए उन्नत किस्म के बीजों का इस्तेमाल करें, जिससे कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके. लाल मूली की खेती के लिए आप ऑनलाइन माध्यम से उन्नत बीज मंगवा सकते हैं. भारत में लाल मूली की पूसा मृदुला किस्म बनाई गई है, जिसकी आप बुआई कर सकते हैं. लाल मूली 50-60 दिन में तैयार हो जाती है, जिसके बाद आप इसे बाजार में बेच सकते हैं.
क्या हैं लाल मूली के फायदे?
लाल मूली के खेती से किसान को तो अधिक मुनाफा मिलेगा ही, स्वास्थ्य के लिए भी इसके कई फायदे हैं. लाल मूली में एंटीऑक्सीडेंट और कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं, जिसके चलते इसकी तगड़ी डिमांड रहती है. इसका स्वाद हल्का तीखा होता है और यह बेहद पौष्टिक होती है. लाल मूली को बहुत सारे लोग तो सिर्फ इसलिए भी खाते हैं क्योंकि वह अच्छी दिखती है.
Source: yourstory.com

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