Author: Sewa Bharati

  • कृषि उत्पादन में ट्राइकोडर्मा का महत्व

    कृषि उत्पादन में ट्राइकोडर्मा का महत्व

    कृषि उत्पादन में ट्राइकोडर्मा का महत्व – हमारे मिट्टी में कवक (फफूदीं) की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती है इनमें से एक ओर जहाँ कुछ प्रजातियाँ फसलों को हानि (शत्रु फफूदीं) पहुॅचाते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ प्रजातियाँ लाभदायक (मित्र फफूदीं) भी हैं जैसे कि द्राइकोडरमा । खेती किसानी में ट्राइकोडर्मा कवक के फ़ायदे जानकर आप अचरज…

  • मूंगफली फसल की पुष्पन अवस्था

    मूंगफली फसल की पुष्पन अवस्था

    इस महत्वपूर्ण विकास चरण के दौरान फसल की सिंचाई करें– रोग और कीट/कीट प्रकोप के लिए अपने खेत की निगरानी करें– एफिड: एम्पोस्का केरी क्षति के लक्षण: कीट की पहचान: प्रबंधन: सफेद ग्रब: होलोट्रिचिया कंसेंगुइनिया, होलोट्रिचिया सेराटा क्षति के लक्षण: कीट की पहचान: प्रबंधन: जंग: पत्तियों की निचली सतह पर सबसे पहले दाने दिखाई देते…

  • मूंगफली फसल की वनस्पति अवस्था

    मूंगफली फसल की वनस्पति अवस्था

    खरपतवार नियंत्रण अच्छी उपज के लिए विकास अवधि के पहले 45 दिनों के दौरान खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है। फसल बोने के 3-6 सप्ताह बाद सबसे महत्वपूर्ण अवधि है। खरपतवार के कारण औसत उपज हानि लगभग 30% है जबकि खराब प्रबंधन के तहत खरपतवार से उपज हानि 60% हो सकती है, इसलिए फसल वृद्धि के प्रारंभिक…

  • निमाड़ में हुए दो अभिनव प्रयोगों से सफेद सोने की खेती को मिलेगी गति

    निमाड़ में हुए दो अभिनव प्रयोगों से सफेद सोने की खेती को मिलेगी गति

     निमाड़ में हुए दो अभिनव प्रयोगों से सफेद सोने की खेती को मिलेगी गति – मध्यप्रदेश का खरगोन जिला कपास उत्पादन में अग्रणी है, इसीलिए यहाँ कपास उत्पादन को सफ़ेद सोने की खेती कहा जाता है। यहाँ के प्रगतिशील किसान उन्नत तकनीक को अपनाकर हमेशा कुछ नया करते रहते हैं। इसी क्रम में खरगोन जिला मुख्यालय से…

  • खरबूजे और देसी गोमूत्र से बने जैव कीटनाशक ‘थार जैविक 41 ईसी’ को मिला पेटेंट

    खरबूजे और देसी गोमूत्र से बने जैव कीटनाशक ‘थार जैविक 41 ईसी’ को मिला पेटेंट

    खरबूजे और देसी गोमूत्र से बने जैव कीटनाशक ‘थार जैविक 41 ईसी’ को मिला पेटेंट – भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत कीट नियंत्रण के लिए जैव-कीटनाशक ‘थार जैविक 41 ईसी’ पेटेंट  दिया  है। थार जैविक 41 ईसी जैव-कीटनाशक सिट्रलस कॉलोसिंथस (Citrullus colocynthis) और देसी गोमूत्र से बनाया गया है। सिट्रलस कॉलोसिंथस को बिटर ऐपल के नाम से भी जाना जाता है। आईसीएआर – केंद्रीय…

  • मूंगफली फसल की सीडलिंग स्टेज

    मूंगफली फसल की सीडलिंग स्टेज

    बोने की विधि– बीजों को सीड ड्रिल या डिब्बलर की सहायता से बोया जाता है। बीज दर– बिजाई के लिए 38-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें। बुवाई की गहराई– बुवाई से लगभग पखवाड़े पहले स्वस्थ और अच्छी तरह से विकसित फली को उपयुक्त मूंगफली शीर के साथ हाथ से खोल देना चाहिए। फलियों…

  • मक्का की खेती सेहत और आमदनी के लिए हैं फायदेमंद

    मक्का की खेती सेहत और आमदनी के लिए हैं फायदेमंद

    मक्का की खेती सेहत और आमदनी के लिए हैं फायदेमंद – मक्का ऐसे अनाजों को कहते हैं जो भारत की भूमि पर 1600 ई० के अन्त में ही पैदा करना शुरू की गई और आज भारत संसार के प्रमुख उत्पादक देशों में शामिल है। भारत में कई प्रकार की मक्का की खेती की जाती हैं। इतनी प्रकार की…

  • मूंगफली की फसल रोपण से 2 सप्ताह पहले

    मूंगफली की फसल रोपण से 2 सप्ताह पहले

    मूंगफली की फसल के लिए आदर्श मिट्टी और मौसम की स्थिति– मूंगफली के लिए मिट्टी का प्रकार– मूंगफली को बलुई दोमट के साथ-साथ अच्छे जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी में उगाया जाता है। 6.5 -7 के पीएच के साथ गहरी अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और अच्छी उर्वरता वाली मिट्टी मूंगफली की खेती के…

  • टमाटर फसल का कटाई चरण

    टमाटर फसल का कटाई चरण

    रोपाई के 70 दिन बाद पौधा फल देना शुरू कर देता है। कटाई ताजा बाजार, लंबी दूरी के परिवहन आदि के उद्देश्य के आधार पर की जाती है। परिपक्व हरे टमाटर, 1/4 भाग फल गुलाबी रंग देता है, लंबी दूरी के बाजारों के लिए काटा जाता है। लगभग सभी फल गुलाबी या लाल रंग में…

  • पन्ना में शुरू होगा कृषि महाविद्यालय

    पन्ना में शुरू होगा कृषि महाविद्यालय

    इसी सत्र में शुरू होंगी कक्षाएँ पन्ना में शुरू होगा कृषि महाविद्यालय – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पन्ना में गत 2 नवम्बर को दिये गये निर्देशों का पालन शुरू हो गया है। इसी शैक्षणिक-सत्र से पन्ना में कृषि महाविद्यालय के संचालन और बीएससी (कृषि) के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएँ शुरू करने की अनुमति प्रदान…