Author: Sewa Bharati
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गुलदाउदी की उन्नत खेती
गुलदाउदी शर्दियो में उगाए जाने वाले फूलो में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, एवं गुलदाउदी शर्दियो में उगाया जाने वाला एक लोकप्रिय पुष्प है, इस लिए गुलदाउदी को शर्दी के मौसम की रानी, सेवन्ति तथा चंद्रमल्लिका के नाम से भी जाना जाता है | गुलदाउदी के फूलो के रंग, आकार तथा बनावट में अन्य फूलो की…
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कृषि में साँख्यिकी का अनुप्रयोग
भारत जैसे कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाले देश में, कृषि जनसंख्या के बहुसंख्यक वर्ग की दैनिक आजीविका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह अनुमान है कि भारत की 58 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण आबादी अपनी आजीविका कमाने के लिए सीधे कृषि में नियुक्त है। कृषि, मत्स्य पालन एवं वानिकी के साथ, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में…
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हरित जल जलीयकृषि प्रौद्योगिकी
हरित जल आमतौर पर जलीय कृषि में उपयोग की जाने वाली तकनीक है। मीठे पानी की मछली विश्व जलीय कृषि में अग्रणी क्षेत्र है, जो अन्य क्षेत्रों को बहुत पीछे छोड़ देती हैं। इन मछलियों का उत्पादन बहुत तैयार फीड का उपयोग करती है। दिलचस्प बात यह है कि, हालांकि, प्रमुख पालन मछली प्रजातियों में…
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पशुओं में खुरपका-मुँहपका ( एफ.एम.डी.) रोग
यह रोग एक विषाणु जनित रोग है। इस विषाणु के सात मुख्य प्रकार है। भारत में इस रोग के केवल तीन प्रकार ( ओ, ए, एशिया-1) पाये जाते है। इस रोग को खुरपका व मुंहपका ,मुहाल, एफ. एम .डी. के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग गाय ,भैंस, बकरी ,भेड़ में तेजी से…
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सर्पगन्धा की खेती करने की विधि
सर्पगन्धा एक अत्यन्त उपयोगी पौधा है। यह 75 सेमी से 1 मीटर ऊचाई तक बढता है। इसकी जडे सिर्पिल तथा 0.5 से 2.5 सेमी व्यास तक होती हैं तथा 40 से 60 सेमी गहराई तक जमीन में जाती हैं। इसपर अप्रैल से नवम्बर तक लाल सफेद फूल गुच्छो मे लगते है। सर्पगंधा की जडों मे…
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ढिंगरी मशरूम कैसे उगाऐं
ढिंगरी मशरूम समशीतोष्ण कालीन छत्रक है, जिसे वर्ष पर्यन्त उगाया जा सकता हैं। इसकी उपज के लिए तापमान 20 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड आवश्यक होता है। प्रदेश में इसका उत्पादन 150 मैट्रिक टन होता है। पोषक तत्व : 100 ग्राम ताजा ढिंगरी मशरूम में निम्न पोषक तत्व पाये जाते हैं ।कार्बोहाइड्रेट – 52 प्रतिशतप्रोटीन – 25 प्रतिशतवसा –…
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हल्दी की उन्नत काश्त पद्धति से खेती
हल्दी एक महत्वपूर्ण मसाले वाली फसल है जिसका उपयोग औषधि से लेकर अनेकों कार्यो में किया जाता है। इसके गुणों का जितना भी बखान किया जाए थोड़ा ही है, क्योंकि यह फसल गुणों से परिपूर्ण है हल्दी की खेती आसानी से की जा सकती है तथा कम लागत तकनीक को अपनाकर इसे आमदनी का एक…
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अश्वगंधा (विथानियासोमनीफेरा) की उन्नत सस्य तकनीक
अश्वगंधा (withania somnifera) की पौधा सीधा 1.25 मीटर उॅचा होता हैं तथा इसके तने में बारीक रोम पाये जाते हैं। इसके पत्तिायों का आकार अण्डाकार एवं पत्तिायों में रोम पाये जाते है जिसे छूने से मुलायम महसूस होता है। फूल छोटे हरे या हल्के पीले रंग के तथा फल छोटे गोले नारंगी या लाल रंग…
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बंजर भूमि में सोनामुखी की उन्नत उत्पादन तकनीक
सोनामुखी या सनाय बहुवर्षीय कांटे रहित झाड़ीनुमा, औषधीय पौधा है जो लैग्यूमीनेसी (दलहनी) कुल के अन्तर्गत आता है। पूर्णतया बंजर भूमि में उगाये जा सकने वाले इस पौधे के लिए ज्यादा पानी एवं खाद की आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रकार भारत के बंजर भूमि वाले भागों में सोनामुखी की खेती करके पर्याप्त लाभ कमाया…
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अश्वगंधा उगायें और अधिक लाभ पाऐं
भारत में अश्वगंधा अथवा असगंध जिसका वानस्पतिक नाम वीथानीयां सोमनीफेरा है, यह एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल के साथ-साथ नकदी फसल भी है। अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पौधा है। सभी ग्रथों में अश्वगंधा के महत्ता के वर्णन को दर्शाया गया है। इसकी ताजा पत्तियों तथा जड़ों में घोंड़े की…