Author: Sewa Bharati

  • सफेद मुसली की खेती

    सफेद मुसली की खेती

    सफेद मूसली (क्लोरोफाइटम स्पीशीज) एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा है जिसकी विभिन्न प्रजातियां की जड़ों का उपयोग आयुर्वेदिक व यूनानी दवाएं बनाने में किया जाता है इसकी सुखी जड़ों में पानी की मात्रा 5 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट 42 प्रतिशत प्रोटीन 8-9 प्रतिशत रूट फाइबर ग्लुकासेाइल सेपोनिन 2-17 प्रतिशत के साथ-साथ सोडियम पोटेशियम कैल्शियम फास्फोरस व जिंक आदि…

  • मशरूम की खेती अधि‍क लाभदायक है

    मशरूम की खेती अधि‍क लाभदायक है

    वर्षा ऋतु में मिट्टी में से अपने आप छतरीनुमा आकार के सफेद, लाल, भूरे विभिन्न रंगों के फफूँद या क्षत्रक उगते हैं। यही फफूँद मशरूम (mushroom) कहलाते हैं। इसे फुटू या पीहरी भी कहा जाता है। यह फफूँदो का फलनकाय होता है। जो  पौश्ष्टिक, रोगरोधक, स्वादिष्ट तथा विशेष महक के कारण आधुनिक युग का महत्त्वपूर्ण…

  • तुलसी के रोग एवं नियंत्रण

    तुलसी के रोग एवं नियंत्रण

    तुलसी (Basil) एक द्विबीजपत्री तथा शाकीय, औषधीय पौधा हैं। यह झाड़ी के रूप में उगताहैं  और १ से ३ फुट ऊँचा होता हैं। इसकी पत्तियाँ बैंगनी आभा वाली हल्के रोएँ से ढकी होती हैं। पत्तियाँ १ से २ इंच लम्बी सुगंधित और अंडाकार या आयताकार होती हैं।  पुष्प मंजरी अति कोमल एवं ८ इंच लम्बी…

  • इशबगोल के औषधीय गुण तथा उसका उत्पादन

    इशबगोल के औषधीय गुण तथा उसका उत्पादन

    इशबगोल एक प्रकार का औषधीय पौधा होता है,यह अधिकतर मरुस्थलीय क्षेत्रों में पाया जाता है| यह भारत में मालवा एवं सिंध, अरब की खाड़ी और पर्शिया में पाया जाता है| इशबगोल को आयुर्वेद में अश्व्गोल या अश्वकर्ण  के रूप में जाना जता है, जिसका शाब्दिक अर्थ “घोड़े की तरह कान है| इशबगोल का वैज्ञानिक नाम प्लैन्तेगो…

  • सामान्य बीमारियों के लिए प्रमुख औषधीय पौधे

    सामान्य बीमारियों के लिए प्रमुख औषधीय पौधे

    प्राचीन काल से ही मनुष्य सामान्य रोगों के शमन के लिए अपने दैनिक जीवन में औषधीय पौधों का प्रयोग करते आ रहा है। इस आधार पर सामान्य रोगो के चिकित्सा को सर्वसुलभ तथा सस्ता बनाया जा सकता है। अपने पूरे जीवनकल में हम इन औषधीय पौधों का उपयोग किसी न किसी रूप में करते हैं।…

  • धनिया की खेती

    धनिया की खेती

    धनिया का वानस्पतिक नाम कोरिएन्ड्रम सेटाइवम है। यह अम्बेलीफेरी कुल का पौधा है । धनिया मसालों की एक प्रमुख फसल है। धनिये की पत्तियाँ व दाने दोनों का ही उपयोग किया जाता है। प्राचीन काल से ही विश्व में भारत देश को मसालों की भूमि के नाम से जाना जाता है। धनिया के बीज एवं…

  • औषधियुक्त ऑंवले की उन्नत खेती

    औषधियुक्त ऑंवले की उन्नत खेती

    इम्बेलिका आफिसिनेलिस भारत का एक अहम पौधा है। इसको संस्कृत में धात्री फल कहते है। यह वृक्ष पर उगता है तथा अनेकों गुणों से भरपूर होता है। ऑवला विटामिन सी का अनन्य स्त्रोत है । इस वृक्ष का मुख्य गुण यह है। कि यह उसर भूमि पर भी उग सकता है तथा इस वृक्ष को…

  • औषधि के रूप में प्याज का प्राकृतिक और अद्भुत उपयोग

    औषधि के रूप में प्याज का प्राकृतिक और अद्भुत उपयोग

    प्याज एक महत्वपूर्ण फसल है जिसका उपयोग मसालों और सब्जियों के रूप में दुनिया भर में लगभग हर रसोई में किया जाता है। प्राचीन काल से ही मानव जाति में प्याज को प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के उच्च श्रेणी में वर्णित किया गया है। प्याज की उत्कृष्ट विशेषता इसका  तीखापन है, जो कि एक वाष्पशील तेल…

  • महासागरीय खेती: जल निकायों पर स्मार्ट और सतत कृषि

    महासागरीय खेती: जल निकायों पर स्मार्ट और सतत कृषि

    कृषि एवं संबंधित उद्योग वैश्विक स्तर पर मौलिक और वास्तविक परिवर्तन के दौर से गुजर रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम इस अपरिहार्य परिवर्तन को समझें और कृषि में संरचनात्मक बदलाव की वैश्विक गति को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। कृषि में इस तरह के परिवर्तन के कारणों पर तीन…

  • नवम्बर माह की कृषि गतिविधियां:

    नवम्बर माह की कृषि गतिविधियां:

    गेंहूॅ फसल:  सब्‍जि‍यॉं : फल फसलें:   दलहनी फसलें: पूसा कृषि‍ पंचाग, भा.क्अनू.सं.