Author: Sewa Bharati

  • Sugarcane Germination Phase

    Sugarcane Germination Phase

    The germination phase is from planting to the completion of the germination of buds. In Sugarcane, seed germination denotes activation and subsequent sprouting of the vegetative bud. The germination of bud is influenced by external factors as well as internal factors. Some of the external factors are soil moisture, soil temperature and aeration. The internal…

  • शीतोष्ण जलवायु में पाए जाने वाले 10 प्रमुख औषधीय पोधें

    शीतोष्ण जलवायु में पाए जाने वाले 10 प्रमुख औषधीय पोधें

    भारतवर्ष में जड़ी-बूटियों का इतिहास बहुत पुराना है। हमारे ग्रन्थों, वेदों व पुराणों में इनका विस्तृत वर्णन है। अनादिकाल से हम वनौषधियों के लिए वनों पर निर्भर रहे हैं। जड़ी-बूटियां कई लोगों की आजीविका का वैकल्पिक आधार भी रही हैं। जलवायु, मिट्टी व तापमान में विविधता के कारण औषधीय महत्व की अधिकांश जड़ी-बूटियां भारतवर्ष में…

  • मेंथा (पुदीना) की उन्नत खेती

    मेंथा (पुदीना) की उन्नत खेती

    मेंथा का तेल व्यवसायिक रूप से महत्वपूर्ण योगदान रखता है। इसका व्यापक रूप से प्रयोग दवा उद्योग में किया जाता है। प्राचीन काल से ही मेंथा (पुदीना) को किचन गार्डनिंग में प्रयोग किया जाता था। प्राथमिक रूप से मेंथा के तेल में मेंथाल पाया जाता है। मेंथा के तेल का प्रयोग ज्यादातर टूथपेस्ट के स्वाद…

  • किसानो को ईख बीज उत्पादन तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल

    किसानो को ईख बीज उत्पादन तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल

    ईख की खेती में अधिक उत्पादन के लिए उपयुक्त प्रभेद का चयन महत्वपूर्ण होता है। परंतु प्रभेद अच्छा हो लेकिन उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं हो तो प्रभेद की महत्ता ख़त्म हो जाती है। ईख में चूँकि शुद्ध बीज का प्रयोग व्यवसायिक स्तर पर नहीं होता है इसलिए उसे ईख का बीज न कहकर बीज का…

  • काला जीरा के औषधीय गुण एवं कृषि संबंधित पद्धतियाँ

    काला जीरा के औषधीय गुण एवं कृषि संबंधित पद्धतियाँ

    काला जीरा जो बुनियम परसियम वनस्पतिक नाम से विख्यात है ऐपीएसी कुल से सम्बन्ध्ति है। यह जीरा काला जीरा या काले बीज, काला केरावे, हिमाली जीरा, काशमीरी जीरा, शाही जीरा, के नाम से भी जाना जाता है तथा इसका धूँऐ जैैैसा व मिट्टी की तरह स्वाद होता है। वस्तुत यह टयूबरस जड़ों वाला शाकीय पौध…

  • आलू बीज उत्पादन में एरोपोनिक तकनीक का अनुप्रयोग

    आलू बीज उत्पादन में एरोपोनिक तकनीक का अनुप्रयोग

    आलू एक वनस्पतिक रूप से पैदा होने वाली फसल हैं जिसके फलस्वरूप आलू के कंद विभिन्न वेक्टर प्रेषीत वायरल संक्रमणों से ग्रस्त हो जाते है, जो साल दर साल इसकी उत्पादकता को गंभीरता से प्रभावित करते हैं।  इसलिए लाभदायक उत्पादन के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का उपयोग करना आवश्यक है। लेकिन, मुख्य रूप से…

  • पारंपरिक बनाम एरोपोनिक बीज उत्पादन

    पारंपरिक बनाम एरोपोनिक बीज उत्पादन

    पारंपरिक प्रणाली काफी प्रभावी है लेकिन इसमें कम गुणन दर और ज्यादा समय तक खेत के संपर्क के कारण वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। एरोपोनिक्स के माध्यम से आलू बीज का उत्पादन, स्वस्थ बीज आलू की उपलब्धता को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, एरोपोनिक्स में रोगग्रस्त पौधों की पहचान और रोगिंग आसान है।…

  • एरोपोनिक्स सिस्टम

    एरोपोनिक्स सिस्टम

    एरोपोनिक्स सिस्टम के फायदे कमियां- एरोपोनिक्स का उपयोग करके व्यापक पैमाने पर आलू के पूर्व-मूल (प्री-बेसिक) बीज की आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रस्तुतियों को इस तकनीक की उच्च लागत और सीमाओं को ध्यान में रखना चाहिए। हालांकि, कई अध्ययन इस बात के पुख्ता सबूत देते हैं कि उष्ण कटि बंधीय और गर्म-समशीतोष्ण परिस्थितियों के तहत मिनीट्यूबर के उत्पादन…

  • आम व उनके प्रसंस्कृत उत्पाद

    आम व उनके प्रसंस्कृत उत्पाद

    आम प्राचीनकाल से भारत का लोकप्रिय फल है तथा भारत, पाकिस्तान व फिलिपिन्स का राष्ट्रीय फल हैं व बंग्लादेश का राष्ट्रीय पेड़ हैं तथा इसे अपनी आकर्षक रंग, मनमोहक सुगंध, मिठास तथा उत्तम स्वाद के कारण आम ’’फलों का राजा’’ कहलाता हैं। आम का पेड़ एक सदाबहार वृक्ष हैं, जिसकी लम्बाई 8 – 18 मी तक…

  • वेस्ट डीकम्पोजर के उपयोग

    वेस्ट डीकम्पोजर के उपयोग

    कम्पोस्टिंग गाय का गोबर, कृषि अवशेष, खरपतवार आदि के कचरे की २० सेमी की एक परत बनाकर उसको वेस्ट डीकम्पोजर से गीला कर देते है। यह विधि दोहराते रहे। हर सात दिन पर ढेर को पलटते रहे। इसमें हमेशा नमी बनी रहनी चाहिए।घरेलू कचरे से भी कई एकड़ जमीन के लि‍ए बेहतरीन खाद भी तैयार…