Category: Training

  • पराली जलाने के आंकड़े और समस्याएं

    पराली जलाने के आंकड़े और समस्याएं

    पराली जलाने का मुख्य कारण चावल की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच उपलब्ध कम समय है। आंशिक रूप से, चावल और गेहूं के बीच उपलब्ध इस कम समय सीमा को पंजाब उप-भूमि संरक्षण अधिनियम (2009) के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जहां धान की रोपाई की तारीख 20 जून तय की गई…

  • ट्राइकोडर्मा का कृषि  में महत्व

    ट्राइकोडर्मा का कृषि  में महत्व

    हमारे मिट्टी में कवक (फफूदीं) की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती है इनमें से एक ओर जहाँ कुछ प्रजातियाँ फसलों को हानि (शत्रु फफूदीं)  पहॅचाते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ प्रजातियाँ लाभदायक  (मित्र फफूदीं) भी हैं जैसे कि द्राइकोडरमा । ट्राइकोडर्मा पौधों के जड़ विन्यास क्षेत्र (राइजोस्फियर)  में खामोशी से अनवरत कार्य करने वाला सूक्ष्म कार्यकर्ता…

  • जल संरक्षण और बारानी खेती

    जल संरक्षण और बारानी खेती

    बारानी अर्थात् वर्षा आधारित क्षेत्र जो कि देश में 65-70 प्रतिशत है में जल संरक्षण के महत्व से सभी परिचित हैं। जल संरक्षण के उचित प्रबंधन में कमियों के चलते इस विशाल क्षेत्र से उत्पादन आकांक्षाओं से कम होता है। परिणामस्वरूप औसत उत्पादकता का स्वरूप ही बदल जाता है। हमारे देश में बारानी खेती का…

  • खनि‍ज युक्‍त पशु आहार बनाने की विधि

    खनि‍ज युक्‍त पशु आहार बनाने की विधि

    सबसे पहले शीरे को गर्म करके उसमें यूरिया केल्साइड पाउडर और सोडियम बैण्टोनाइट डालकर अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण को धीरे-धीरे हिलाते हुए उसमें खनिज मिश्रण, बिनौले अथवा मूँगफली की खली आदी, को मिलाये। जब मिश्रण का तापमान 120 0C हो जाये तो इसको 10 मिनट तक अच्छी तरह मिलाये और जब सभी पदार्थ अच्छी तरह मिल जाये तो मिश्रण…

  • ट्राइकोडर्मा उत्पादन विधि

    ट्राइकोडर्मा उत्पादन विधि

    ट्राइकोडर्मा के उत्पादन की ग्रामीण घरेलू विधि में कण्डों (गोबर के उपलों) का प्रयोग करते हैं। खेत में छायादार स्थान पर उपलों को कूट- कूट कर बारिक कर देते हैं। इसमें  28 किलो ग्राम या लगभग 85 सूखे कण्डे रहते हैं। इनमें पानी मिला कर हाथों से भली भांति मिलाया जाता है। जिससे कि कण्डे का ढेर…

  • खीरा फसल और उसके उपयोग

    खीरा फसल और उसके उपयोग

    खीरा (Cucumis sativus) लौकी परिवार, Cucurbitaceae में व्यापक रूप से उगाया जाने वाला पौधा है। यह अपने एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण दुनिया भर में और भारत में खेती की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण खीरा फसलों में से एक है। भारत दुनिया में खीरा का सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। अप्रैल-अक्टूबर (2020-21) मे…

  • कृषि में ड्रोन के विभिन्न उपयोग

    ड्रोन प्रौद्योगिकी पारंपरिक कृषि पद्धतियों को तीव्रता के साथ बदल रही है और उन्हें निम्नानुसार पूरा कर रही है-फसलों की बिमारियों, पोषक तत्वों की कमी और कीटों/खरपतवार की उपस्थिति का पता लगानाव्यक्तिगत रूप से फसलों के स्वास्थ्य की देखभाल करना एक कठिन और बहुत समय लेने वाला हो सकता है. ड्रोन से नियर-इन्फ्रारेड (NIR सेंसर,…

  • पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद: वर्मीकम्पोस्ट

    पोषक तत्वों से भरपूर जैविक खाद: वर्मीकम्पोस्ट

    वर्मीकम्पोस्ट (vermicompost) एक ऐसी खाद हैं, जिसमें विशेष प्रजाति के केंचुओं द्वारा बनाई जाती है। केंचुओं द्वारा गोबर एंव कचरे को खा कर, मल द्वारा जो चाय की पत्ती जैसा पदार्थ बनता हैं। यही वर्मीकम्पोस्ट हैं।  यह खाद अब तक किसी प्रकार से तैयार की गई खाद के मुकाबलें कई गुणा अधिक पोषक तत्वों से…

  • किसानों के लिए फायदेमंद सहरोपण तकनीक, सालभर होगी मोटी कमाई

    किसानों के लिए फायदेमंद सहरोपण तकनीक, सालभर होगी मोटी कमाई

    बागवानी से उत्तर प्रदेश के किसानों ने आय अर्जित करने का तरीका खोज निकाला है, जिसमें इन्होंने बहुफसलीय तकनीक(Multi Cropping Techniques) को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि की है. नयी नयी तकनीकों (New Techniques) की वजह से बागवानी करने वाले किसानों को काफी मुनाफा हो रहा है, जिससे यह साबित होता है कि किसान सिर्फ…

  • Bharat Drip Irrigation And Agro

    Bharat Drip Irrigation And Agro

    Bharat Drip Irrigation And Agro is committed to Greener World. We are in the field to fulfil irrigation needs of farmers. We manufacture Inline and Online drip irrigation systems, Mini Sprinklers, Sprinklers Systems, HDPE Coils and PVC Pipes. Our Products are as per ISI standards given by BIS(Bureau of Indian Standards). We have been exporting…