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गोभी के प्रमुख कीट एवं रोकथाम
गोभी के प्रमुख कीट एवं रोकथाम – गोभी का मौसम आ गया है यह एक लोकप्रिय सब्जी है। हमारे सभी किसान भाई-बहन गोभी की खेती की तैयारी में लगे होंगे जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि जाड़ों में गोभी की मांग बढ़ जाती है यह एक स्वादिष्ट एवं लोकप्रिय सब्जी है सभी लोग इसको…
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गेहूं की बंपर फसल के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सिफारिशें
गेहूं की बंपर फसल के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सिफारिशें – बीज दर और बुवाई की विधि – बीज दर दानों के आकार, जमाव प्रतिशत, बोने का समय, बोने की विधि एवं भूमि की दशा पर निर्भर करती है। सामान्यत: यदि 1000 बीजों का भार 38 ग्राम है तो एक हेक्टेयर के लिये लगभग 100 कि.ग्रा.…
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गेहूं में पौध संरक्षण
गेहूं में पौध संरक्षण – गेहूं की फसल में बथुआ, कडबथुआ, कडाई, जंगली पालक, सिटिया घास/गुल्ली डंडा, प्याजी जंगली जई आदि खरपतवार पाये जाते हैं। इनके उन्मूलन के लिये कस्सी/ कसोला से निराई गुड़ाई करें। अधिक मात्रा में खरपतवार होने पर निम्नलिखित खरपतवारनाशी का प्रयोग करें। गुल्ली डंडा जंगली जई 500 ग्राम आइसोप्रोट्यूरान (ऐरिलान, टोरस, रक्षक, आइसोगार्ड) या…
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गेहूं में गंधक (Sulphur) की कमी को दूर करें
गेहूं में गंधक (Sulphur) की कमी को दूर करें – गंधक (Sulphur) की कमी को दूर करने के लिये गंधक युक्त उर्वरक जैसे अमोनियम सल्फेट अथवा सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग अच्छा रहता है। जस्ते की कमी वाले क्षेत्रों में जिंक सल्फेट 25 कि.ग्रा./हे. की दर से धान-गेहूं फसल चक्र वाले क्षेत्रों में साल में कम से कम एक बार प्रयोग…
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गेहूं में उर्वरकों की मात्रा एवं उनका प्रयोग
गेहूं में उर्वरकों की मात्रा एवं उनका प्रयोग – गेहूं उगाये जाने वाले ज्यादातर क्षेत्रों में नत्रजन की कमी पाई जाती है। फास्फोरस तथा पोटाश की कमी भी क्षेत्र विशेष में पाई जाती है। पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गंधक की कमी पाई गई है। इसी प्रकार सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे जस्ता, मैगनीज…
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गेहूं की विभिन्न अवस्थाओं में सिंचाई से होता है फायदा
गेहूं की विभिन्न अवस्थाओं में सिंचाई से होता है फायदा – रबी फसलों में गेहूँ को ही सबसे अधिक सिंचाई से फायदा होता है। देशी उन्नत जातियों अथवा गेहूँ की ऊंची किस्मों की जल की अवश्यकता 25 से 30 से.मी. है। इन जातियों में जल उपयोग की दृष्टि से तीन क्रांतिक अवस्थाएं होती हैं। जो क्रमश:…
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अधिक उपज देने वाली बासमती चावल की किस्में
अधिक उपज देने वाली बासमती चावल की किस्में – लघु अवधि याने कम दिन में पकने वाली किस्मों (SDV) की खेती धान की खरीफ कटाई और रबी में गेहूं की बुवाई के बीच एक विस्तारित खिड़की प्रदान करती है, जिससे चावल के किसानों को इन-सीटू प्रबंधन और अतिरिक्त धान के पुआल को हटाने के लिए पर्याप्त…
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गेहूं की ताप प्रतिरोधी किस्म DBW187 और DBW222
गेहूं की ताप प्रतिरोधी किस्म DBW187 और DBW222 – जहां तक गर्मी सहने की बात है तो गेहूं की किस्मों DBW187 और DBW222 को HD-3086 से बेहतर पाया गया है। गत रबी मौसम 2021-22 के दौरान, DBW187 और DBW222 नामक किस्मों ने HD-3086 की तुलना में क्रमशः 3.6% और 5.4% की उपज बढ़ोतरी के साथ तापमान…
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भारत सरकार:किसान 45 किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर 500 मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें
भारत सरकार: किसान 45 किलो यूरिया की बोरी के स्थान पर 500 मिली नैनो यूरिया बोतल का प्रयोग करें – भारत सरकार की अवर सचिव सुश्री निर्मला देवी गोयल द्वारा जारी एक नोटिस में उल्लेख किया गया है कि उर्वरक कंपनियों को 45 किलोग्राम के पारंपरिक यूरिया बैग के बजाय नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए। नैनो यूरिया 500 एमएल की कीमत 225 रुपये और 45 किलो…
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गेहूं में जड़ माहो का नियंत्रण कैसे करें
गेहूं में जड़ माहो का नियंत्रण कैसे करें – Source: Krishakjagat.com