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  • बंजर भूमि में सोनामुखी की उन्नत उत्पादन तकनीक

    बंजर भूमि में सोनामुखी की उन्नत उत्पादन तकनीक

    सोनामुखी या सनाय बहुवर्षीय कांटे रहित झाड़ीनुमा, औषधीय पौधा है जो लैग्यूमीनेसी (दलहनी) कुल के अन्तर्गत आता है। पूर्णतया बंजर भूमि में उगाये जा सकने वाले इस पौधे के लिए ज्यादा पानी एवं खाद की आवश्यकता नहीं होती है। इस प्रकार भारत के बंजर भूमि वाले भागों में सोनामुखी की खेती करके पर्याप्त लाभ कमाया…

  • अश्वगंधा उगायें और अधि‍क लाभ पाऐं

    अश्वगंधा उगायें और अधि‍क लाभ पाऐं

    भारत में अश्वगंधा अथवा असगंध जिसका वानस्पतिक नाम वीथानीयां सोमनीफेरा है, यह एक महत्वपूर्ण औषधीय फसल के साथ-साथ नकदी फसल भी है। अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पौधा है। सभी ग्रथों में अश्वगंधा के महत्ता के वर्णन को दर्शाया गया है। इसकी ताजा पत्तियों तथा जड़ों में घोंड़े की…

  • पुदीना (मेंथा) उगायें और अधिक लाभ कमायें

    पुदीना (मेंथा) उगायें और अधिक लाभ कमायें

    वर्तमान वैश्वीकरण के दौर में जहां एक ओर वैश्विक कृषि व्यवसायीकरण की ओर गतिशील दिखाई देती है। वहीं दूसरी भारतीय कृषि आज भी परंपरागत खेती को अपने युवा कांधों व तकनीकी दिमाग पर बोझ बनाये बैठी है। वर्तमान समय परंपरागत खेती से हटकर बाजार मांग के अनुसार फसल उत्पादन का है जहां नये कृषि उत्पादों…

  • गर्मी के मौसम मे दूधिया मशरूम उगायें अच्छी आमदनी पायें

    गर्मी के मौसम मे दूधिया मशरूम उगायें अच्छी आमदनी पायें

    दूधिया मशरूम एक स्वाटिष्ट प्रोटीनयुक्त तथा कम कैलोरी प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है। इसमे पायी जाने वाली प्रोटीन में आवश्यक अमीनो अम्ल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कि वृ़ध्दि और विकास के लिए अत्यन्त उपयोगी है ताजे मशरुम में पाये जाने वाला प्रोटीन, दूघ के प्रोटीन के बराबर होता है व अत्यधिक सुपाच्य…

  • स्टीविया (मीठीपत्ती): शून्य कैलोरी औषधीय पौधा

    स्टीविया (मीठीपत्ती): शून्य कैलोरी औषधीय पौधा

    आजकल मधुमेह व मोटापे की समस्या के कारण न्युन कैलोरी स्वीटनर्स हमारे भोजन के आवश्यक अंग बन चुके है। बाजार मे उपलब्‍ध कृत्रि‍म उत्पाद सेहत के लि‍ए पुर्णतया सुरक्षित न होने के कारण, मधु तुलसी या स्‍टीवि‍या (Stevia) के पौधे को न्‍यून क्‍ैलोरी मि‍ठास का उत्‍तम प्राकृतिक स्त्रोत माना जाता है। यह शक्कर से लगभग 25 से 30 गुना…

  • चिरौंजी की खेती

    चिरौंजी की खेती

    चिरौंजी का वृक्ष   चिरौंजी के फल चिरौंजी आमतौर पर शुष्क पर्णपाती जंगलों में पाए जाने वाला वृक्ष है। इसकी औसतम ऊँचाई १०-१५ मीटर तक पाई जाती है|  भारतीय उपमहाद्वीप में उत्पन्न चिरौंजी के वृक्ष उत्तरी, पश्चिमी और मध्य भारत के उष्णकटिबंधीय पर्णपाती जंगलों में आमतौर पर मध्य प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात,…

  • सौंफ की पौध रोपाई द्वारा करे उन्नत खेती

    सौंफ की पौध रोपाई द्वारा करे उन्नत खेती

    सौंफ की खेती मुख्य रूप से मसाले के रूप में की जाती हैI सौंफ के बीजो से ओलेटाइल तेल  (0.7-1.2 %) भी निकाला जाता है, सौंफ एक खुशबु धार बीज वाला मसाला होता है | सौंफ के दाने आकार में छोटे और हरे रंग के होते है | आमतौर पर इसके छोटे और बड़े दाने…

  • पैडीस्‍ट्रा खुम्‍बी या धान पुआल उगाने की तकनीक

    पैडीस्‍ट्रा खुम्‍बी या धान पुआल उगाने की तकनीक

    भारत जैसे देश में जहॉ की अधिकांश आबादी शाकाहारी है खुम्‍बी का महत्‍व पोषण की दृष्‍टी से बहुत अधिक है । यहां मशरूम का प्रयोग सब्‍जी के रूप में किया जाता है। भारत में खुम्‍बी उत्‍पादकों के दो समुह हैं एक जो केवल मौसम में ही इसकी खेती करते हैं तथा दूसरे जो सारे साल मशरूम उगाते हैं।…

  • शुष्क क्षेत्रों के लिए सुगंधित पामारोजा घास की उन्नत उत्पादन तकनीक

    शुष्क क्षेत्रों के लिए सुगंधित पामारोजा घास की उन्नत उत्पादन तकनीक

    रोशा घास या पामारोजा एक बहुवर्षीय सुगंधित घास है, जिसका वानस्पतिक नाम सिम्बोपोगान मार्टिनाई प्रजाति मोतिया है। जो पोएसी कुल के अन्तर्गत आता है। पामारोजा की खेती पामारोजा तेल केे आर्थिक उत्पादन के लिए उगाया जाता है | पूर्णतया शुष्क क्षेत्रों में उगाये जा सकने वाले इस पौधे के लिए ज्यादा पानी एवं खाद की…

  • कुसुमी लाख की खेती एवं कुसुम वृक्षों की खण्ड प्रणाली

    कुसुमी लाख की खेती एवं कुसुम वृक्षों की खण्ड प्रणाली

    लाख (Lac) एक प्राकृतिक राल है जो मादा लाख कीट द्वारा मुख्य रुप से प्रजनन के पश्‍चात स्त्राव के फलस्वरुप बनता है। लाख कीट की दो प्रजातियां होती हैं जिन्हें कुसमी और रंगीनी कहते हैं। प्रत्येक प्रजाति से वर्ष में दो फसलें ली जाती हैं लेकिन पष्चिम बंगाल के कुछ समुद्री क्षेत्र के आस-पास बिलायती…